
जयपुर अग्निकांड: मौत का आंकड़ा बढ़ा, अब तक 14 की मौत, 80 घायल
जयपुर में हुए भीषण अग्निकांड में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 80 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। इनमें से करीब 30 घायलों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। हादसे में 28 से अधिक लोग 80 फीसदी से ज्यादा झुलस चुके हैं। इसके चलते मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
शवों की पहचान में दिक्कत
अग्निकांड इतना भीषण था कि कई शव बुरी तरह जल चुके हैं, जिससे उनकी पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा है। शवों की पहचान के लिए अब डीएनए टेस्ट का सहारा लिया जाएगा। प्रशासन और पुलिस की टीम इस काम में जुटी हुई हैं, ताकि पीड़ित परिवारों को उनके परिजनों के बारे में सही जानकारी मिल सके।
घायलों का इलाज जारी
घटना के बाद घायलों को तुरंत अस्पतालों में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, गंभीर रूप से झुलसे मरीजों का इलाज करना बड़ी चुनौती है। कई मरीजों की स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है। चिकित्सा विभाग ने सभी घायलों के लिए विशेष मेडिकल टीमें तैनात की हैं।
आग लगने का कारण
अब तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। घटना स्थल पर फॉरेंसिक टीम पहुंचकर सबूत जुटा रही है, ताकि आग के पीछे की असल वजह का पता लगाया जा सके।
प्रशासन का बयान
घटना पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है। इसके साथ ही हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
स्थानीय लोगों में गुस्सा
इस हादसे ने जयपुर के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि समय पर फायर ब्रिगेड और बचाव दल नहीं पहुंचे, जिससे मौतों की संख्या बढ़ गई।
स्थिति पर नजर
प्रशासन और राहत दल पूरी कोशिश कर रहे हैं कि घायलों को बेहतर इलाज मिले और मृतकों के परिजनों को जल्द से जल्द जानकारी दी जा सके। वहीं, इस हादसे ने सुरक्षा प्रबंधों और आपातकालीन सेवाओं की कमी को भी उजागर कर दिया है।
यह घटना एक बार फिर से यह सोचने पर मजबूर करती है कि ऐसी त्रासदियों से बचने के लिए क्या उपाय किए जाएं। जयपुर के लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस हादसे से सबक लेकर भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगा।