
GST Council Meeting: क्या हुआ महंगा और क्या हुआ सस्ता? निर्मला सीतारमण ने दी जानकारी
राजस्थान के जैसलमेर में आयोजित जीएसटी काउंसिल की 55वीं बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई अहम फैसलों की घोषणा की। इन फैसलों का सीधा असर देश के वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर पड़ेगा। बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने बताया कि किन चीजों पर जीएसटी दरें कम की गई हैं और किन पर बढ़ोतरी हुई है। आइए जानते हैं कि क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा।
क्या-क्या हुआ सस्ता?
- फोर्टीफाइड चावल:
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में इस्तेमाल होने वाले फोर्टीफाइड चावल पर जीएसटी दर को 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है। - एससी ब्लॉक:
50% फ्लाई एश वाले एससी ब्लॉक पर जीएसटी दर अब 12% होगी। यह निर्माण क्षेत्र के लिए राहतभरी खबर है। - किशमिश और काली मिर्च:
किसानों द्वारा सीधे आपूर्ति की जाने वाली किशमिश और काली मिर्च पर अब जीएसटी नहीं लगेगा। इससे इन वस्तुओं की कीमतों में गिरावट आने की संभावना है। - जीन थेरेपी पर छूट:
जीन थेरेपी को जीएसटी से पूरी तरह छूट दी गई है, जो चिकित्सा क्षेत्र के लिए बड़ा कदम है। - ट्रेड एक्सपोर्ट्स:
ट्रेड एक्सपोर्ट्स पर कंपनसेशन सेस की दर को घटाकर 0.1% कर दिया गया है, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। - लोन फाइन पर छूट:
बैंकों और नॉन-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) द्वारा ग्राहकों पर लगाई जाने वाली पेनल्टी पर अब कोई जीएसटी नहीं लगेगा। - पेमेंट एग्रीगेटर्स:
₹2000 तक के लेनदेन को संभालने वाले पेमेंट एग्रीगेटर्स को भी जीएसटी से छूट दी गई है। हालांकि, यह छूट फिनटेक कंपनियों और पेमेंट गेटवे पर लागू नहीं होगी। - छोटी कंपनियों का रजिस्ट्रेशन:
जीएसटी एक्ट्स में संशोधन की सिफारिश की गई है ताकि छोटी कंपनियों का रजिस्ट्रेशन आसान और सस्ता हो सके।
क्या-क्या हुआ महंगा?
- पॉपकॉर्न:
खुला पॉपकॉर्न अब 5% जीएसटी के दायरे में आएगा, जबकि पैकेज्ड और लेबल वाले पॉपकॉर्न पर जीएसटी दर 5% से बढ़ाकर 12% कर दी गई है। - पुरानी इलेक्ट्रिक गाड़ियां:
पुरानी इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर जीएसटी दर को 12% से बढ़ाकर 18% कर दिया गया है। हालांकि, आम लोग अपनी पुरानी गाड़ियां बिना जीएसटी के बेच सकेंगे।
अन्य अहम निर्णय:
- एविएशन टरबाइन फ्यूल: इस पर जीएसटी रिवर्स चार्ज या फॉरवर्ड चार्ज के संबंध में अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
- ई-कॉमर्स ऐप्स: खाद्य पदार्थों की डिलीवरी और फ्लोर स्पेस इंडेक्स पर भी फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संकेत दिए हैं कि इन मुद्दों पर भविष्य में विचार किया जाएगा। जीएसटी काउंसिल की इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं जो आम जनता और व्यापार जगत दोनों को प्रभावित करेंगे। सस्ती वस्तुओं की सूची से जहां राहत मिलेगी, वहीं महंगी चीजों पर अतिरिक्त खर्च करना होगा। इस विषय से जुड़ी अन्य जानकारी और अपडेट्स के लिए बने रहें।