
अटल बिहारी वाजपेयी के 100वें जन्मदिवस पर देशभर में श्रद्धांजलि और स्मरण कार्यक्रम
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100वीं जयंती पर पूरे देश में श्रद्धांजलि और स्मरण कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक लेख में उन्हें “भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने वाले नेता” बताते हुए उनके त्याग, दृष्टिकोण, और लोकतांत्रिक आदर्शों को याद किया। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी सत्ता के प्रति आसक्त नहीं थे और हमेशा राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते थे।
प्रमुख आयोजन और श्रद्धांजलि:
- दिल्ली में मुख्य कार्यक्रम: दिल्ली में एक प्रार्थना सभा का आयोजन हुआ, जिसमें पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हिस्सा लिया।
- राजनीतिक नेताओं का स्मरण: भाजपा और एनडीए के नेताओं ने वाजपेयी जी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया।
- युवा महाकुंभ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने “युवा महाकुंभ” में अटल जी के विचारों और आदर्शों को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।
- काव्य व श्रद्धांजलि प्रतियोगिताएं: राजधानी में कविता और पोस्टर प्रतियोगिताओं के माध्यम से अटल जी को याद किया गया।
वाजपेयी जी का योगदान:
- राजनीतिक दृष्टिकोण: वाजपेयी जी को भारतीय राजनीति का वह चेहरा माना जाता है, जिन्होंने देश को 21वीं सदी में नेतृत्व प्रदान किया।
- शांतिपूर्ण प्रयास: उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल में कारगिल युद्ध और पोखरण परमाणु परीक्षण जैसे साहसिक निर्णय शामिल हैं।
- लोकप्रियता: उनकी भाषण कला और कविताओं ने उन्हें जन-जन का प्रिय नेता बना दिया।
इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें अटल जी की विरासत को लेकर आगामी चुनावों में इसे कैसे भुनाया जाए, इस पर चर्चा की गई।अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन और उनकी सोच देश के हर वर्ग के लिए प्रेरणादायक है। उनके 100वें जन्मदिवस पर उनके द्वारा स्थापित आदर्शों को पुनः आत्मसात करने का अवसर मिला। उनकी स्मृतियां न केवल राजनीति बल्कि कविताओं और मानवीय मूल्यों में भी जीवित रहेंगी।