
पुणे: बेकाबू डंपर की चपेट में आए नौ लोग, तीन की मौत
पुणे में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां एक अनियंत्रित डंपर ने फुटपाथ पर सो रहे नौ लोगों को कुचल दिया। इस हादसे में एक बच्चे सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में से तीन की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
हादसे का विवरण
यह दुखद घटना पुणे के वाघोली फाटा इलाके में रात करीब 12:30 से 1:00 बजे के बीच घटी। यह क्षेत्र पुणे के मुख्य प्रवेश बिंदुओं में से एक माना जाता है। फुटपाथ पर सोने वाले लोग दिहाड़ी मजदूर थे, जो पिछले तीन-चार वर्षों से इसी जगह पर ठिकाना बनाए हुए थे।
डंपर के बेकाबू होने के बाद मची भगदड़ ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ड्राइवर शराब के नशे में था, जिसने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया।
मृतकों और घायलों का हाल
इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही जान चली गई, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल है। बाकी छह घायलों को पुणे के सरकारी ससून अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से तीन घायलों की हालत आईसीयू में नाजुक बनी हुई है। पुलिस और अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, इलाज जारी है, लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है।
ड्राइवर हिरासत में
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई की और डंपर के ड्राइवर को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई है कि ड्राइवर शराब के नशे में था। ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसे दोपहर तक कोर्ट में पेश किया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। इस हादसे ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। स्थानीय लोगों ने ड्राइवर को पकड़ने और पुलिस को सौंपने में भी अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जरूरी कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
पुलिस द्वारा दुर्घटनास्थल का निरीक्षण और घटनास्थल की छानबीन जारी है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, ड्राइवर की लापरवाही और शराब के नशे में गाड़ी चलाना इस घटना का मुख्य कारण है। प्रशासन ने सभी पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। साथ ही, ससून अस्पताल में इलाज कर रहे घायलों को हर संभव मदद दी जा रही है।
सुरक्षा के सवाल
यह हादसा शहर में सड़क सुरक्षा और फुटपाथ पर सोने वाले मजदूरों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन को ऐसे कदम उठाने की जरूरत है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों को रोकने के लिए सख्त नियमों को लागू करना बेहद जरूरी हो गया है, पुणे में घटी यह घटना बेहद हृदयविदारक है। इसने न केवल कई परिवारों को दर्द में डाला, बल्कि शहर में सुरक्षा उपायों की कमी को भी उजागर किया। पुलिस और प्रशासन से उम्मीद है कि दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी और पीड़ित परिवारों को मदद पहुंचाई जाएगी। इस हादसे ने सभी को सड़क पर सुरक्षा और जिम्मेदारी से वाहन चलाने का महत्व समझाया है।